Mjgyaan

Tuesday, July 30, 2019

Glowroad se Paisa Kaise Kamaye? Glowroad छे पैसे कैसे कमाए।How To Earn Money From GlowRoad

ग्लोरोड क्या हे। .. what is glowroad

Glowroad एक Reselling App हे. Reselling का मतलब कोई भी Product  गर पर  लाये बिना बेचना।  Glowroad Reselling के लिए एक बहुत ही बड़ा प्लेट फॉर्म हे जिसमे 500000 से ज्यादा लोग जुड़े हुए हे। ग्लोवरॉयड पे आपको कई प्रोडक्ट दूसरी अप्प के मुकाबले सस्ते मिल जायेंगे। अगर आप गर पर बेठके कुछ कमाई करना चाहते हे तो ग्लोवरॉयड आपके लिए एक बहुत ही बढ़िया जरिया हे.  तो ऐ थी Glowroad  के बारे में कुछ जानकारी।

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Glowroad  छे पैसे  कैसे कमाए। .. How To Earn Money From GlowRoad

दोस्तों मेने आपको बताया। Glowroad  एक Reselling App हे तो में अब बताऊंगा की ग्लोवरॉयड काम कैसे करता हे।  ग्लो रोड  से प्रोडक्ट बेचने  का  आप एक माध्यम हो आप ग्लोवरॉयड के प्रोडक्ट Customer  को बेच ते हो और अपना मार्जिन दाल के वो प्रोडक्ट आप बेचते हो में अब आपको step  by  step  बताऊंगा. और एक बात अगर आप पहले मार्जिन थोड़ा कम रखेगे  तो customer आपसे ज्यादा आर्डर करेंगे जिससे आप ज्यादा पैसा Earn कर सकते हे।




1st  step

पहले आप ग्लोवरॉयड आप डाउनलोड करे में आपको लिंक दे दूंगा वह से आप डाउनलोड करेंगे तो आपको 250  रुपए Wallet  में मिलेंगे लिंक : https://glowroad.com/invite/MAHI525LL7Q

2nd step



आप जब App  डाउनलोड करेंगे तब Sing In  के बाद आपको कुछ इस तरह का इंटरफेस दिखाई देंगे इस में बहुत सारे कैटेलॉग हे इसमें से कोई भी आप  Facebook Marketplace और Whatsapp group में शेयर कर सकते हे. फिर आप कोई भी कैटेलॉग को क्लिक करके कोई भी प्रोडक्ट को Add to Card कर  सकते हे.



Add to Card  करने के  बाद आपको ऊपर दिया गया Photo  की तरह का दिखाई दंगा इसमें  Wallet  बैलेंस भी दिखाई देंगे लेकिन Wallet  बैलेंस आप ऑनलाइन पेमेंट पे ही उपयोग कर सकते हे Cash on Delivery आप उपयोग नहीं कर सकते  इस बात का आपको  ध्यान रखना हे।



फिर आप अपना मार्जिन ऐड करके आर्डर प्लेस करे ।  और वो मार्जिन आर्डर Successful Delivered होने के बाद 7  दिन में आपके बैंक अकाउंट में आ जाएंगे।

ग्लोवरॉयड की तहर ही दूसरी अप्प हे जिसका नाम हे meesho आप इसपे भी पैसे कमा सकते हे।  Meesho  अप्प डाउनलोड Link :  https://meesho.com/invite/BHFPZET796

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अगर आपको और जानना हे तो में आपको निचे वीडियो दाल दूंगा वहाँसे  आप फुल डिटेल्स वीडियो देख सकते हे।





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Wednesday, March 27, 2019

चुनाव आयोग (Election Commission)

चुनाव आयोग 






अनुच्छेद  324 (1) -                                                   

  • चुनाव आयोग की स्थापना 
  • 25 जनवरी 1950 (मतदान का दिन)
61 वा संवैधानिक संशोधन - दो अन्य चुनाव कमिसनर की जोगवई. 

शपथ - 

चुनाव आयोग के सभ्यो की निमणुक रास्ट्रपति द्वारा की जाती हे.  

शक्ति

  •  चुनाव का मतदान क्षेत्र का प्रवचन या गिनती कराना. 
  •  राष्ट्रपति , उपराष्ट्रपति , संसद , और विधान मंडल की चुनाव का नियंत्रण और निर्देश करना. 
  • आचार संहिता तैयार करना. 
  • राष्ट्रपति शासन के एक साल बाद चुनाव करने का निर्णय लेना. 
  •  राज्य विधान सभा के आम चुनाव को स्थगित कर देना. लेकिन कोइक कारन सर. 

कार्यकाल -

  • 6  साल या 65 साल दोनों मेसे जो पहला आएगा उसीसे कार्यकाल का निर्णल लिया जायेगा. 

राज्य चुनाव आयोग 

  • साल 1992 में पंचायत चुनावों के लिए 73  व संविधान संसोधन किया गया और इसके लिए मतदान सूचि तैयार करने के लिए भाग 9  की अनुच्छेद 243 (K) को डाला गया. 
  • 1992  - 74 संवैधानिक संशोधन हुआ जिसमे - नगरपालिका के चुनाव शामिल किये गए. 

चुनाव विधि

चुनाव सिस्टम
1 ) फर्स्ट पास्ट थे पोस्ट - भारत में जहा जहा प्रत्यक्ष मतदान होता हे वो सभी जगह. 
2 ) आनुपातीक प्रतिनिधित्व - राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यसभा और विधानसभा

परिसीमन आयोग

  • चुनाव आयोग का पहला काम मतदान क्षेत्र का सीमांकन करना हे. इसमें १० साल की जनगणना पर ध्यान दिया जाता हे. 
  • चुनाव आयोग इस कार्य के लिए परिसीमन आयोग का गठन करती हे. 

अनुच्छेद 82 -
  • संसद को प्रत्येक जनगणना को संकलित करने के बाद नित्ययोग का गठन करना होगा.
वर्त्तमान मा 2001  की जनगणना को ध्यान में लिया जाता हे.

सभ्य -

  • मुख्य चुनाव कमिशनर ,दो सर्वोच्च न्यायलय या एक सेवानिवृत सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और प्रत्येक राज्य से दो से सात सहायक सभ्य की निमणुक की जाती हे. 

चुनाव आयोग के कार्य

  • चुनाव समिति संसद या राज्य विधायिका की सरकार की सहमति से चुनाव कार्यक्रम तय करती है।
  •  चुनाव आयोग राष्ट्रपति या राज्यपाल के आदेश के अनुसार चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा की जाती हे। 
  • जिन उम्मीदवारों ने चुनाव के लिए उम्मीदवार के नामांकन का प्रस्ताव किया है, वह उम्मीदवार जो निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता है, यह जांचता है कि क्या वह मतदाता है। ।
  •  फॉर्म की पूर्णता तिथि के बाद, चुनाव अधिकारी उम्मीदवार के फॉर्म की जांच करता है। जिसमें कोई गलती या अधूरी जानकारी जो उम्मीदवार के फॉर्म को रद्द कर सकता है। उसके बाद, उम्मीदवारों को अपना फॉर्म वापस लेने के लिए 2 दिन दिए जाते हैं। चुनाव अधिकारी फिर योग्य उम्मीदवारों की अंतिम सूची की घोषणा करता है और स्वतंत्र उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न आवंटित करता है।
  • चुनाव में वापसी के दिन से कम से कम 20 दिन चुनाव के लिए दिए जाते हे। 
  • वैध राजनीतिक दल प्रत्येक मतदान केंद्र पर चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए अपने प्रतिनिधि मतदान एजेंट नियुक्त कर सकते हे। 
  • आम तौर पर चुनाव आयोग द्वारा लगभग 1500 मतदाताओं तक एक मतदान केंद्र का आयोजन किया जाता हे। 
  • 1 /6  से काम मतदान मत मिलनेवाले उम्मीदवार की चुनाव डिपॉजिट जप्त की जाती हे। 



Tuesday, March 26, 2019

सोमनाथ मंदिर (Somnath temple)

सोमनाथ मंदिर

सोमनाथ मंदिर भगवान शिव का धाम हे..

सोमनाथ मदिर गुजरात के सौराष्ट्र प्रदेश में हे जो अरब सागर के बिलकुल पास में ऐ मंदिर हे. इस मंदिर का उल्लेख ऋग्वेद, स्कंदपुराण , और महाभारत में भी हुआ हे. पुराणों के अनुसार दक्ष प्रजापति की 27 कन्या ऐ थी और सभी का विवाह चंद्र के साथ हुआ था.  रोहिणी सभी बहेनो में सूंदर थी और चंद्र के प्रति इसकी प्रति विवेश आकर्षण था यह जानकर सभी बहेनो को बड़ी इर्षा हुई और उन्होंने इसकी शिकायत अपने पिता दक्ष से की इनके पिता ने चंद्र को समझाया पर चंद्र ने उनकी एक ना सुनी और दक्ष प्रजापति ने चंद्र को राजयक्ष्मा से पीड़ित होने का श्राप दे दिया. इस के कारन चंद्र की शक्ति दिन प्रति दिन काम होती गई यह देख सब देवता ओ ने मिलकर चंद्र को दिए गए श्राप वापस लेने के लिए भ्रमा से अनुरोध किया भ्रमा  ने कहा में दक्ष से दिया गया श्राप तो वापस नहीं ले सकता लेकिन श्राप मुक्ति का उपाय बता सकता हु. भ्रमा ने चंद्र से कहा वो प्रभास जाये और शिवलिंग की पूजा करे. जिस के कारन भगवान शिव के भक्त चंद्रे  के नाम से वो सोमनाथ कहे लाये.

सोमनाथ मंदिर (Somnath temple)
सोमनाथ
कहा जाता हे की सत युग में सोमराज ने सुवर्ण मंदिर बनवाया. त्रेता युग में दशानन रावण ने रजत का मंदिर बनवाया था. द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने चंदनकाष्ट  से मंदिर का निर्माण किया था..... 
आजसे करीबन 1000  साल पहले भगवान शिव का एक बडासा सूंदर मंदिर मौजूद था.  इस मंदिर पर 56 स्तंभ पर सुवर्ण हीरे और रत्न जड़े हुए थे. सारे भारत में सोमनाथ प्रति अटूट आस्था थी.. श्री सोमनाथ का वैभव का कारन वो था की इस समय यहका बंदर गाह विश्व व्यापर का केंद्र था. 11 सताब्दी से लेकर 1950 तक पुनः  निर्माण का सील सिला चलताहि रहा. महूमद गजनवी ऐ 1026 में आक्रमण करके  लुटा.  गजनवी के बाद अल्लाउदीन खिलजी , महमूद बेगड़ा, और ओरंगजेब के सेनापति ने भी पुनः पुनः इस मंदिर को लुटा. राजा भीमदेव , सिद्धराज , कुमारपर ने मंदिर का पुनः निर्माण किया. श्री सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए कही युद्ध हुए. श्री  सोमनाथ सोमनाथ  मंदिर की रक्षा के लिए लाठी के राजकुमार हमीरजी  की सहादतीय की निसानिया आज भी मौजूद हे.

सोमनाथ मंदिर (Somnath temple)
सोमनाथ 

13 नवम्बर 1947 के दिन सरदार पटेल , जाम साहेब दिग्विजय सिंह सौराष्ट्र  के मुख्य मंत्री उच्चेंगराव ढेबर , कनैया लाल मुन्सी , और काका गाडगील  ने सोमनाथ मंदिर के दर्शन किये.  आदाताइयो द्वारा ध्वस्त किये गए सोमनाथ मंदिर के विनास पर सरदार पटेल का मन भर आया. जन सभा में समुद्र का जल हाथ में लेकर  सरदार पटेल ने कहा " हम श्री सोमनाथ मंदिर का पुनः निर्माण करेंगे देश स्वतंत्र हुआ हे।  करोडो लोगो की आस्था इस स्थान से जुडी हुई हे।  इन करोडो का यह श्रद्धा स्थल का पुनः निर्माण ही आजादी की भावना से जुड़ा हुआ हे। " अलबेरुनी और मार्क पोलो  ने वर्णन किया था की " यह मंदिर अति समृद्ध था, इसके निभाव के लिए 10000 गांव थे , अभिसेक का जल गंगा से आते थे, गर्भगृव में हिये जवाहरात की मुर्तिया थी."  इस मंदिर विशेषता यह हे की 800  साल बाद नगरशैली से निर्माण हुआ यह प्रथम देवालय हे. भारत  प्रथम राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रशाद से मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हाई।

जिनके दृठ संकल्प से मंदिर का निर्माण होसका वो सरदार पटेल की  प्रतिमा का गुजरात के लोक सेवक श्री रवि शंकर महाराज ने अनावरण करके राष्ट्र को समर्प्रित किया. सरदार पटेल की इस प्रतिमा इस लिए अजोड़ हे की इस की दृस्टि हर समय भगवान सोमनाथ का दर्शन करती हे.

सोमनाथ मंदिर (Somnath temple)
सोमनाथ 

श्री सोमनाथ मंदिर का संचालन ट्रस्टी द्वारा होता हे.. जिन के अध्यक्ष केशुभाई पटेल, लाल कृष्ण अडवाणी ,  नरेंद्र मोदी , अमित शाह....... हे. सत सत नमन श्री सोमनाथ को और सत सत नमन सरदार पटेल को.

Tuesday, March 19, 2019

LRB gujarat police constable physical exam result Declared 2019

LRD police constable physical exam result Declared.

Recently lok rakshak bharti department ha sbeen announced an official anotification of 6189 vacancies for gujarat police recrutment.  thats why LRB department invited online application for the hathiyari & bin hathiyari constable male and female , jail sipay male, jail sipay fimale .
Recently lok rakshak bharti department ha sbeen announced an official anotification of 6189 vacancies for gujarat police recrutment

ojas police bharti expected merit and cut off marks

after completing of examination LRB gujarat will published police constable merit mark and merit number. ojas gujarat police bharti 2018 : notification/ advertisment

this police bharti is for 6189 vacacies. there total 6 posts.
cheak youre result so total numer of vaccancies is decleard the

post : hathiyari & bin hathiyari constable male and female , jail sipay male, jail sipay fimale etc..

No of post : 6189

Written Exam was held on : 6/1/2019

Official website : https://lrbgujarat2018.in/

  • bin hathiyari constable male
  • bin hathiyari constable female
  • hathiyari constable male 
  • hathiyari constable female
  • jail sipay male
  • jail sipay female

Important link click here





Smith and Warner return to IPL

IPL 12 / स्मिथ के अनुभव, जोश और रन की भूख से लाभ - शेन वॉर्न 


Smith

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर स्टीवे स्मिथ रविवार को जयपुर में अपनी टीम के साथ राजस्थान रॉयल्स में शामिल हुए विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया लौटने की इच्छा रखने वाले  स्मिथ से अच्छा प्रदसन करने की उम्मीद हे।  IPL हिस्सा लेने के लिए डेविड वॉर्नर भी उनके साथ भारत पहुंचे हे।

राजस्थान टीम के ब्रांड एम्बेसेडर सेन वॉर्न स्मिथ की प्रतिभा पर भरोसा करते हे। वॉर्न ने कहा 'स्मिथ के अनुभव , रन के लिए जनून और जनून से टीम को फायदा होगा।  मुझे कोई संदेह नहीं हे की स्मिथ और वॉर्नर अपना सर्वश्रेठ प्रदशन करेंगे।'

दोनों ने दुबई में ऑस्टेलिया टीम का दोर्रा किया।

भारत आने से पहले , स्मिथ और वॉर्नर ने कोच जस्टिन लेगर को बुलाने के लिए ऑस्टेलिया टीम के साथ समय बिताया।  दो नो IPL टूर्नामेंट महत्वपूर्ण साबित होंगे क्योकि उन्हें विश्व कप से पहले प्रतियोगिता में खेलना हे।  दोनों पर प्रतिबन्ध 28  मार्च को समाप्त होगा।

स्मिथ क्रिकेट खेलने के लिए उत्सुक हे: वॉर्न 

वॉर्न ने कहा की स्मिथ क्रिकेट खेलने के लिए खुश हे।  वह खेल से प्यार करता हे और उसमे ख़िताब रखता हे।  मुझे भरोसा हे की उनकी भूख कम नहीं हे।  स्मिथ और वॉर्नर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हे। और मुझे आशा हे वो IPL  में अच्छा प्रदसन करेगे।



Saturday, March 9, 2019

oldest living person in the world

જાપાની મહિલા ને ગિનીઝ એ આપ્યો સૌથી વૃદ્ધ વ્યક્તિ નો ખિતાબ, 116 સાલ છે તેમની ઉંમર

> ગિનીઝ વર્લ્ડ રેકોર્ડ એ શનિવારે વિશ્વ ના સૌથી વૃદ્ધ જીવિત માણસ નો ખિતાબ 116 વર્ષ ના જાપાની મહિલા ને આપવામાં આવ્યો.આ વૃદ્ધ મહિલાનું નામ કાને તનાકા છે.

kane-tanaka
kane tanaka

ટોક્યો:  

> ગિનીઝ વર્લ્ડ રેકોર્ડ શનિવારે 116 વર્ષ ના જાપાની મહિલા વિશ્વ ના સૌથી જૂની વ્યક્તિ નો શીર્ષક આપવામાં આવ્યો છે.

> સમારંભ નું આયોજન દક્ષિણપશ્ચિમ જાપાન ના કુફુકોકા માં નર્સિંગ હોલ માં કરવા માં આવ્યું હતું.તેમાં તેમના પરિવાર ના સદસ્યો પણ હાજર રહ્યા હતા.

> તનાકા નો જન્મ 2, જાન્યુઆરી 1903 માં થયો હતો. તે 8 ભાઈ બહેન હતા અને તે સાતમા નંબરે હતા. તેમને 1922 માં હિન્દેઓ તનાકા જોડે લગ્ન કાયા હતા. અને તેમને 4 પુત્ર હતા. આ ના પહેલા સૌથી વૃદ્ધ જીવિત વ્યક્તિ નો ખિતાબ જાપાન ની એક અન્ય મહિલા ચિયો મિયાકો ના નામે હતો. જે 117 વર્ષ ની ઉંમરે મૃત્યુ પામ્યા હતા.

> જાપાન ના વ્યક્તિ ઓની  ઉંમર સૌથી વધુ હોય છે.

> જોકે અત્યાર સુધી માં સૌથી જુના વ્યક્તિ બનાવા માટે હજુ ઘણા વર્ષ બાકી છે.

Jeanne-Louise-Calment
Jeanne Louise Calment


> જોકે અત્યાર સુધી ના વિશ્વ ના સૌથી જુના વ્યક્તિ નો રેકોર્ડ Jeanne Louise Calment  ના નામે છે. જે 122 વર્ષ ના હતા. જેમનો જન્મ 21 ફેબ્રુઆરી 1875 માં ફ્રાન્સમાં થયો હતો જે 4 ઓગસ્ટ 1997 માં મૃત્યુ પામ્યાં હતા.



Wednesday, March 6, 2019

Gandhi Irwin Pact

Gandhi Irwin Agreement

1931 ના 5 માર્ચ 1931 માં ગાંધી ઇરવીન સમજૂતી થઇ હતી 



5 માર્ચ, 1931 ના દિવસે ભારત માં રાષ્ટ્રીય આંદોલન ના નેતા મોહનચંદ કરમચંદ ગાંધી અને તત્કાલીન વાઇસરોય વચ્ચે એક ખાસ સમજૂતી થઇ, જે ગાંધી-ઇરવીન પેક્ટ ના નામે ઓળખાય છે.

                1929 માં વાઇસરોય લોર્ડ ઇરવીન ને ભારતને સ્ટેટસ આપવાની જાહેરાત કરી હતી. જોકે
એની કોઈ ખાસ રૂપરેખા તૈયાર નહતી. 1931 માં ગોળમેજી પરિષદ માં ભારત ના સંવિધાન વિષે ચર્ચા કરવાની હતી. ગાંધી ઇરવીન વચ્ચે આ સમજૂતી પહેલા 8 બેઠક થઇ. 1931માં 5 માર્ચ ના દિવસે એક સમજૂતી પર હસ્તાક્ષર કર્યો. એમાં નક્કી કરવા માં આવ્યું હતું કે ભારતીય રાષ્ટ્રીય કોંગ્રેસ સવિનય કાનૂન ભંગ નું  આંદોલન બંધ કરશે અને લંડન માં થનારી ગોળમેજી પરિષદ માં ભાગ લેશે. એ માં એ પણ નક્કી કરવામાં આવ્યું હતું કે બ્રિટિશ સરકાર ઇન્ડિયન નેશનલ કોંગ્રેસ ની ગતિવિધીયો પર પ્રતિબંધ મુકનાર બધા  આદેશ પાછા ખેંચી લેવામાં આવશે. સમજૂતી માં સવિનય કાનૂન ભંગ ના આંદોલન દરમિયાન પકડાયેલા બધા લોકો ને મુક્ત કરવાનું નક્કી થયું. એ ઉપરાંત નક્કી થયું કે મીઠા પરનો વેરો હટાવી દેવા માં આવે, કારણ કે ભારત ના લોકો તેને કાયદેસર બનાવી વેચી શકે અને પોતાના માટે પણ ઉપયોગ માં લઇ શકે. બ્રિટિશ રાજ ખત્મ કરવાની માંગ કરનાર પાર્ટી સાથે કરવા માં આવેલી સમજૂતી પર ભારત ની બ્રિટિશ સરકાર અને ઇંગ્લેન્ડ ની સરકારે નારાજગી વ્યક્ત કરી અને એને પોતાના પગ ઉપર જ કુહાડી મારવા સાથે સરખાવી. જોકે બ્રિટિશ સરકારે બધી માંગણીઓ સ્વીકારી લીધી, કારણ કે એને એ સમજાઈ ગયું હતું કે કોંગ્રેસ અને ગાંધી વગર ગોળમેજી પરિષદ સફળ નહિ થઇ શકે.

Important

5 માર્ચ 1931 ના રોજ ગાંધીજી અને ઇરવીન વચ્ચે કરાર થયો. તે મુજબ સરકારે સત્યાગ્રહી ઓ ને છોડી મૂકયા તથા દમનકારી પગલાં પાછા ખેંચ્યા અને ગાંધીજી લડત મોકૂફ રાખી તથા  પ્રતિનિધી તરીકે બીજી ગોળમેજી  પરિષદ માં હાજર રહ્યા. 

પ્રથમ ગોળમેજી પરિષદ - 1930 લંડન માં
બીજી ગોળમેજી પરિષદ - માત્ર ગાંધીજી એ જ  બીજી ગોળમેજી પરિષદ માં ભાગ લીધો હતો.



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